सीधी(ईन्यूज़ एमपी)- मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत सीधी जिले के दौरे पर पहुंचे रीवा संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह के तेवर शनिवार को बेहद सख्त नजर आए। जनसमस्याओं के निराकरण, लंबित शिकायतों और विभागीय कार्यों में लापरवाही को लेकर कमिश्नर ने अधिकारियों-कर्मचारियों की जमकर क्लास लगाई और साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया—कामकाज में सुधार करें, अन्यथा लापरवाही वर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सीधी कलेक्टर विकास को दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिये हैं । बतादें कि सिहावल में आयोजित जिलास्तरीय शिविर से लेकर बहरी तहसील, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सपही विद्यालय तक कमिश्नर ने व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान कई विभागों के कार्यों को लेकर असंतोष जताया गया। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि आमजन की समस्याओं के वास्तविक और समयबद्ध समाधान की जवाबदेही प्रशासन की है। सिहावल में आयोजित जिलास्तरीय शिविर में कमिश्नर ने सीएम हेल्पलाइन के चिन्हित 22 शिकायतकर्ताओं से स्वयं संवाद किया। उन्होंने सीधे पूछा कि शिकायत के निराकरण के बाद वास्तव में राहत मिली या सिर्फ कागजों में प्रकरण बंद कर दिया गया। कमिश्नर ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि शिकायतों के निराकरण में खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगवाने और बिना वास्तविक समाधान के प्रकरण बंद करने की प्रवृत्ति पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। शिविर के दौरान भू-अर्जन प्रकरणों में लापरवाही सामने आने पर कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाया। एक प्रकरण में लापरवाही पाए जाने पर तहसीलदार सिहावल के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित करने के निर्देश दिए गए, जबकि दूसरे प्रकरण में अपेक्षित कार्रवाई न होने पर नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जमीन और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। वंही महंगे दाम पर यूरिया बेचने की शिकायत, दुकान का लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया गया है । शिविर के दौरान निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने की शिकायत सामने आई। कमिश्नर के निर्देश पर कृषि एवं सहकारिता विभाग की टीम ने गुप्ता खाद-बीज भंडार की जांच की। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया गया। कमिश्नर ने चेतावनी दी कि किसानों से अधिक कीमत वसूलने या खाद वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर संबंधितों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। RES, पीएचई और कृषि समेत कई विभागों पर नाराजगी- कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने जन-विश्वास अभियान के दौरान विभागवार समीक्षा में RES, पीएचई, कृषि समेत कई विभागों के कार्यों और प्रगति को लेकर कमिश्नर ने असंतोष जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्यशैली में तत्काल सुधार लाया जाए। कमिश्नर का साफ संदेश था—लापरवाही, सुस्ती और जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी। अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यशैली सुधार लें, नहीं तो कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। जिलास्तरीय शिविर में संबल योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र एवं सहायता प्रदान की गई। वहीं दिव्यांग हितग्राहियों को इलेक्ट्रॉनिक ट्राइसाइकिल भी वितरित की गई। इस अवसर पर कलेक्टर विकास मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, वनमंडलाधिकारी प्रीति अहिरवार, एसडीएम राकेश शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सपही स्कूल पहुंचे, बच्चों को दिया सफलता का मंत्र- कड़े प्रशासनिक तेवरों के बीच कमिश्नर का प्रेरक रूप भी नजर आया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सपही में उन्होंने नीट और जेईई की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा—“बड़ा लक्ष्य तय करें, पूरी ऊर्जा से जुटें, सफलता जरूर मिलेगी।” विद्यार्थियों को डर और झिझक छोड़कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सीख देते हुए उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी कभी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बनती, मजबूत इच्छाशक्ति सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने शिक्षकों को भी निर्देश दिए कि पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि विषयों को जीवन और व्यवहारिक परिस्थितियों से जोड़कर बच्चों को समझाएं। विद्यालय में छात्राओं द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित राखियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े चित्रों ने भी कमिश्नर का ध्यान आकर्षित किया। छात्राओं ने कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह और कलेक्टर विकास मिश्रा सहित अधिकारियों को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं। विदित हो कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहरी के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने मरीजों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया। दवाओं की उपलब्धता, जांच, स्वच्छता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वास्थ्य केंद्र बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार और समय पर बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। वहीं बहरी तहसील के निरीक्षण के दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबे समय से लंबित मामलों और रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही पर भी कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की। उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में प्रकरणों के संचालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित रीडरों की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि दो साल से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए और जनता को बेवजह न्यायालयों एवं कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।