बीहर नदी और नालों को चौड़ा कर जल निकासी की बनेगी दीर्घकालीन कार्ययोजना : उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल रीवा(ईन्यूज एमपी)-रीवा शहर में बाढ़ और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब नदी और नालों के विस्तार के साथ अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सभी नालों को राजस्व अभिलेख में दर्ज किया जाएगा और उनके किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए जाएंगे। यह निर्देश उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंगलवार को सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा शहर को बाढ़ और जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त कराने के लिए दीर्घकालीन कार्ययोजना तैयार करना जरूरी है। उन्होंने बीहर नदी तथा शहर के सभी नालों को चौड़ा करने की योजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही शहर के बाहरी क्षेत्रों से आने वाले बारिश के पानी को शहर के भीतर प्रवेश कराने के बजाय बाहर से ही नदी में मिलाने के लिए आवश्यक जल संरचनाएं विकसित करने को कहा। तीन दिन में पूरा होगा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे उपमुख्यमंत्री ने राजस्व अमले को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे संवेदनशीलता के साथ किया जाए और प्रभावित परिवारों के मकान, घरेलू सामग्री तथा अन्य नुकसान का आकलन कर राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी ने बताया कि रीवा शहर और जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे का काम शुरू हो गया है। ग्राम भटलों में करीब 600 घरों तथा रीवा शहर के निपानिया मोहल्ले में प्रभावित परिवारों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। शेष सर्वे तीन दिनों में पूरा कर राजस्व परिपत्र के प्रावधानों के अनुसार प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जाएगी। बीहर नदी की चौड़ाई कम से कम 160 मीटर रखने की योजना उपमुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को छोटी पुल से करहिया पुल और करहिया पुल से बाईपास पुल तक बीहर नदी की चौड़ाई कम से कम 160 मीटर रखने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए नगर निगम, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग और मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के इंजीनियरों को संयुक्त रूप से योजना तैयार करने को कहा गया। उन्होंने झिरिया नाले के नदी में मिलने से पहले आने वाले मोड़ को हटाकर नाले को सीधे बीहर नदी में मिलाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश का पानी तेजी से नदी में पहुंच सके। नदी और नालों के किनारे की बाधाएं होंगी दूर उपमुख्यमंत्री ने एनजीटी के प्रावधानों के अनुरूप बीहर नदी से 30 मीटर और नालों से 9 मीटर की दूरी तक मौजूद बाधाओं को हटाने तथा तटबंधों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण भी बारिश के दौरान जल निकासी प्रभावित हुई। नगर निगम आयुक्त को नालों की विशेष सफाई का अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कच्चे नालों को पक्का बनाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा, जिससे जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। रिवर फ्रंट से पद्मधर कॉलोनी को मिल सकती है राहत उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बीहर नदी में रिवर फ्रंट बनने से इससे लगी बस्तियों में बाढ़ का प्रभाव कम हुआ है। उन्होंने छोटी पुल के आगे नदी के दोनों ओर रिवर फ्रंट विकसित करने की संभावना पर कार्य करने के निर्देश दिए। इससे पद्मधर कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों को बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक में नगर निगम अध्यक्ष वेंकटेश पांडेय और जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने भी बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के संबंध में सुझाव दिए। नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन ने बाढ़ राहत कार्यों की जानकारी दी। बैठक में पार्षद दीनानाथ वर्मा, राजेश पांडेय, विवेक दुबे, केके गर्ग, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी, तहसीलदार अनुपम पांडे, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, नगर निगम के इंजीनियर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।