सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के बहरी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे जली हुई अवस्था में मिले महिला के शव के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि भरण-पोषण राशि को लेकर हुए विवाद के बाद पति ने पत्नी की हत्या कर शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था। पुलिस के अनुसार 6 जून 2026 को ग्राम दुअरा कला में सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का अधजला शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल से जले-अधजले कपड़ों के टुकड़े, धागे के खोखे, जूट के बोरे के अवशेष सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी स्वयं घटनास्थल पहुंचे और निरीक्षण किया। घटनास्थल पर मिले सिलाई-कटाई से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने जांच को टेलरिंग व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों की ओर केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलेभर में गुमशुदगी की सूचनाओं और संबंधित व्यक्तियों की जानकारी का मिलान किया गया। जांच के दौरान मृतका की पहचान ममता नामदेव (35) निवासी खैरा, जिला सीधी के रूप में हुई। वह अपने पति सुरेश नामदेव से अलग रह रही थी तथा अपनी पुत्री के साथ सीधी में किराये के मकान में रहकर मजदूरी करती थी। न्यायालय द्वारा उसे भरण-पोषण राशि भी स्वीकृत थी। पुलिस जांच में सामने आया कि 5 जून को ममता नामदेव अपने पति की सिलाई दुकान पर भरण-पोषण राशि लेने पहुंची थी। इसी दौरान दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ, जो बढ़कर हत्या तक पहुंच गया। आरोप है कि सुरेश नामदेव ने पत्नी की हत्या कर शव को बोरे में भरकर ग्राम दुअरा कला के पहाड़ी मार्ग के किनारे फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए शव पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस ने आरोपी सुरेश नामदेव पिता रमेश नामदेव, निवासी खैरा, थाना कोतवाली सीधी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 238(क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सूक्ष्म भौतिक साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और लगातार की गई विवेचना के माध्यम से इस अंधे कत्ल का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।