कमिश्नर ने की कार्रवाई, विभागीय कामकाज और जन विश्वास कार्यक्रम प्रभावित होने का उल्लेख सीधी(ईन्यूज एमपी)- रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने सीधी के उपायुक्त सहकारिता राजेश खत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर बिना किसी पूर्व सूचना के कर्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और अपने नियंत्रणकर्ता अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं देने का आरोप है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर, जिला सीधी निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। जारी निलंबन आदेश के अनुसार राजेश खत्री ने 20 अगस्त 2026 को उपायुक्त सहकारिता सीधी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। कार्यभार संभालने के बाद वे बिना पूर्व सूचना के कर्तव्य से अनुपस्थित रहे। इतना ही नहीं, 27 अगस्त को ग्राम बम्हनी में आयोजित नई समिति के उद्घाटन कार्यक्रम में भी उनकी अनुपस्थिति रही। विभागीय कामकाज पर पड़ा असर आदेश में कहा गया है कि उपायुक्त की अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हुए। सहकारिता से संबंधित विभिन्न प्रकरणों के निराकरण में भी बाधा उत्पन्न हुई। इसके साथ ही प्रत्येक शुक्रवार आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम में सहकारिता विभाग से जुड़े प्रकरणों के निराकरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। कलेक्टर के प्रतिवेदन पर कार्रवाई बताया गया है कि कलेक्टर सीधी की ओर से कमिश्नर को प्रतिवेदन प्रस्तुत कर राजेश खत्री के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी। प्रतिवेदन के आधार पर कमिश्नर ने बिना पूर्व सूचना कर्तव्य से अनुपस्थित रहने और नियंत्रणकर्ता अधिकारी को सूचित नहीं करने को पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता माना। आदेश में खत्री का यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 एवं 7 के विपरीत तथा गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है। इसी आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।