पुलिस से बचने महाराष्ट्र में छिपा था आरोपी, रोज पंचर की दुकान पर आता था; सीधी पुलिस ने मैकेनिक बनकर किया इंतजार और दबोच लिया सीधी(ईन्यूज एमपी)-आमतौर पर पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए वर्दी, वाहन और हथकड़ी के साथ नजर आती है, लेकिन इस बार सीधी पुलिस ने ऐसा दांव चला कि करीब 1300 किलोमीटर दूर बैठे आरोपी को भनक तक नहीं लगी। महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत की हत्या के मामले में फरार पति को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मी पंचर मिस्त्री बन गए। दुकान पर कई घंटे तक इंतजार किया और जैसे ही आरोपी वाहन में हवा भरवाने पहुंचा, पुलिस ने उसका पूरा ‘हवा-पानी’ निकाल दिया। मामला पुलिस लाइन सीधी के आवास क्रमांक G-7 में करीब एक वर्ष पूर्व 15 सितंबर 2025 को हुई महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत की हत्या से जुड़ा है। घटना के बाद से मृतका का पति वीरेन्द्र साकेत उर्फ लाला, निवासी ग्राम मवई, थाना चुरहट फरार था। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस से बचने के लिए बदलता रहा ठिकाना हत्या के बाद आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। उसे पकड़ने के लिए सीधी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। आरोपी की तलाश में गुजरात, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस टीमों ने दबिश भी दी। आखिरकार पुलिस को सुराग मिला कि आरोपी महाराष्ट्र के राजगढ़ जिले के खिरखिनदीवाड़ी क्षेत्र में एक कंपनी में ड्राइवरी कर रहा है। पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी रोजाना अपने वाहन में हवा चेक करवाने और पंचर संबंधी काम के लिए एक दुकान पर आता है। बस, यहीं से पुलिस की ‘मैकेनिक वाली कहानी’ शुरू हुई। वर्दी उतारी, हुलिया बदला और पकड़ लिया ‘ग्राहक’ आरोपी को पुलिस की मौजूदगी का जरा भी शक न हो, इसके लिए टीम ने स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक हुलिया बदला और पंचर एवं वाहन में हवा भरने वाली दुकान में काम करने लगी। पुलिसकर्मी सामान्य मैकेनिकों की तरह दुकान पर मौजूद रहे और आरोपी के आने का इंतजार करते रहे।आरोपी रोज की तरह वाहन में हवा चेक करवाने दुकान पर पहुंचा। उसे क्या पता था कि जिस दुकान पर वह बेफिक्र होकर टायर की हवा चेक कराने आया है, वहां टायर से ज्यादा नजरें उसी पर लगी हुई हैं।जैसे ही सही मौका मिला, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। इस तरह करीब एक साल से फरार आरोपी को सीधी पुलिस ने महाराष्ट्र में गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय से पुलिस रिमांड गिरफ्तार आरोपी को विधिवत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस को उसका रिमांड मिला है। पुलिस अब मामले में आगे की विवेचना और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सुजीत कड़वे के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कोतवाली दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई।गिरफ्तारी में हेड कांस्टेबल बलेंद्र, हेड कांस्टेबल के.पी. सिंह, कांस्टेबल ललित मिश्रा और साइबर टीम के कृष्ण मुरारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मामले में पुलिस की रणनीति खास तौर पर चर्चा में है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए हजारों किलोमीटर दूर पहुंच गया था, लेकिन उसे शायद अंदाजा नहीं था कि सीधी पुलिस उसे पकड़ने के लिए वर्दी छोड़कर पंचर की दुकान तक पहुंच जाएगी।