नई दिल्ली/भोपाल(ईन्यूज एमपी)- नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा पर कथित फर्जी टोल वसूली और रकम की हेराफेरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। लखनऊ जोनल ऑफिस की टीमों ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत देश के 14 राज्यों में एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। मध्य प्रदेश के भी कई ठिकाने ED की जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। ED की जांच के मुताबिक, कुछ टोल प्लाजा पर कथित तौर पर अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर फर्जी टोल रसीदें तैयार की जा रही थीं। आरोप है कि इस व्यवस्था के जरिए टोल से वसूली गई रकम को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर डायवर्ट किया गया। MP समेत कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन ED की टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता समेत कई स्थानों पर परिसरों की तलाशी ले रही हैं। यह कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, फॉरेंसिक परीक्षण और NHAI के रिकॉर्ड की जांच में अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। तलाशी अभियान का मुख्य उद्देश्य कथित फर्जीवाड़े से जुड़े डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जुटाना, इस नेटवर्क से जुड़े लाभार्थियों की पहचान करना और अपराध से अर्जित धन के प्रवाह का पता लगाना है। FIR और ECIR के आधार पर जांच ED ने बताया कि यह जांच 22 जनवरी 2025 को दर्ज FIR संख्या 17 और 19 मई 2025 को दर्ज ECIR संख्या ECIR/ASZO/04/2025 के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसी अब कथित फर्जी टोल वसूली के पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और कंपनियों तथा उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।