भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन अब तक 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। इसे पार करने के लिए सितंबर में करीब 9.6 इंच बारिश की और जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने से बारिश के आंकड़े में और बढ़ोतरी हो सकती है। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से 4 सितंबर तक बारिश मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र और ट्रफ के प्रभाव से 4 सितंबर तक प्रदेश के कई संभागों में तेज बारिश होगी। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का दौर सक्रिय रहने की संभावना है। उमरिया और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ेगा बारिश का सिस्टम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर रहेगा। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं 4 सितंबर को सिस्टम उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग की ओर सक्रिय रहेगा। डैमों में 70% से ज्यादा पानी लगातार बारिश से प्रदेश के जलाशयों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। अधिकांश डैमों में 70 प्रतिशत तक पानी पहुंच चुका है। कई जलाशयों के गेट भी खोले जा चुके हैं। भोपाल के बड़ा तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। यह फुल टैंक लेवल से महज 0.30 फीट नीचे है। तालाब पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। अभी सामान्य से 3.1 इंच कम बारिश प्रदेश में अब तक 27.7 इंच बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश 30.8 इंच होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी करीब 3.1 इंच बारिश कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में औसत से करीब 5% और पश्चिमी हिस्से में 15% कम बारिश दर्ज हुई है। 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश प्रदेश के 16 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं। कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत में सक्रिय मानसून से प्रदेश में बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। अगले चार दिन पूर्वी मध्यप्रदेश, खासकर विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।