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105 वर्षों की सामाजिक विरासत को श्रद्धांजलि,आमजन से लेकर डिप्टी सीएम तक हुए शामिल ...

सीधी(ईन्यूज एमपी)-सरकार और समाज के बीच सेतु की भूमिका निभाने वाले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने चुरहट क्षेत्र के वरिष्ठ, प्रतिष्ठित और आदरणीय व्यक्तित्व स्वर्गीय पंडित हनुमान प्रसाद मिश्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की 105 वर्ष की दीर्घायु पूर्ण करने वाले पंडित हनुमान प्रसाद मिश्र का हाल ही में निधन हुआ, जिसे क्षेत्र के लिए एक युग और एक सोच का अंत माना जा रहा है। उनके निधन से न केवल आमजन, बल्कि पक्ष-विपक्ष के लोग भी गहरे शोक में डूबे दिखाई दिए ।

पंडित हनुमान प्रसाद मिश्र चुरहट और आसपास के अंचल में सामाजिक समरसता, सौहार्द और संस्कारों के प्रतीक माने जाते थे। उनकी संगत और बैठकी क्षेत्र के दिग्गजों के साथ रही। सरल स्वभाव, संतुलित विचारधारा और मजबूत सामाजिक ताने-बाने के कारण वे हर वर्ग में सम्मान के पात्र थे। उनके व्यक्तित्व और आचरण ने पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनका जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि मूल्यों और परंपराओं से जुड़ी एक पूरी सोच का अवसान माना जा रहा है।

स्वर्गीय पंडित हनुमान प्रसाद मिश्र के पुत्र, पूर्व सांसद गोविंद मिश्र तथा समाजसेवी ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र भी उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते हुए सामाजिक कर्तव्यों को सर्वोपरि मानते हैं और क्षेत्र व समाज के प्रति निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में उनके वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल विशेष रूप से उपस्थित हुए और परिवार के साथ शोक संवेदना व्यक्त की।

पंडित हनुमान प्रसाद मिश्र के निधन के उपरांत उनका अंतिम संस्कार एवं मृत्योपरांत होने वाले सभी लोक-प्रचलित कार्यक्रम विधिवत हिंदू वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किए गए। इन संस्कारों में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि वे न केवल शासन के उच्च पद पर आसीन हैं, बल्कि समाज और उसकी परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं।

विंध्य क्षेत्र के सामाजिक सरोकारों से ओतप्रोत उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल विंध्य की परंपराओं, संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से विशेष रूप से प्रभावित माने जाते हैं। विंध्य में पले-बढ़े होने के कारण उनकी सोच, व्यवहार और कार्यशैली में इस अंचल की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। यही कारण है कि वे समाज के सुख-दुख में सहभागी बनकर खड़े नजर आते हैं।

स्वर्गीय हनुमान प्रसाद मिश्र की मृत्यु के पश्चात वैदिक संस्कारों के अनुरूप समस्त धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम पूर्ण श्रद्धा और सम्मान के साथ संपन्न हुए। इन सभी कार्यक्रमों में शामिल हुए विंध्य के जनप्रतिनिधियों , समाजसेवियों , गणमान्य नागरिकों और दूरदराज से आये सभी शुभचिंतकों के प्रति स्वर्गीय हनुमान प्रसाद मिश्र के पौत्र एवं पूर्व सांसद गोविंद मिश्र के पुत्र अनेन्द्र मिश्र राजन ने परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन केवल एक पारिवारिक श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विंध्य की सामाजिक एकता, परंपरा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जिसमें सरकार और समाज के बीच की मजबूत धुरी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

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