भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी राहत और रोजगार का अवसर लेकर सरकार जल्द ही नया पुलिस भर्ती बोर्ड गठित करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्वीकृति के बाद गृह विभाग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावना है कि जुलाई में होने वाली मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। नए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन के साथ ही प्रदेश में पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) के 7500 पदों सहित लगभग 10 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में पुलिस आरक्षक और उप निरीक्षक (एसआई) सहित विभिन्न वर्दीधारी पदों की भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से होती है, जिससे चयन प्रक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। सरकार अब उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अलग पुलिस भर्ती बोर्ड बनाकर भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। प्रस्तावित बोर्ड केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जेल प्रहरी, वनरक्षक (फॉरेस्ट गार्ड), आबकारी विभाग, परिवहन विभाग और अन्य वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती भी इसी बोर्ड के माध्यम से कराई जाएगी। इससे सभी वर्दीधारी विभागों की नियुक्तियां एक ही मंच से संचालित होंगी। सूत्रों के अनुसार गृह विभाग ने बोर्ड के संचालन के लिए करीब 200 पदों की मांग की थी, लेकिन वित्त विभाग ने फिलहाल 95 पदों को मंजूरी दी है। इन स्वीकृत पदों के आधार पर बोर्ड का प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही भर्ती बोर्ड के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकार का मानना है कि नए भर्ती बोर्ड के गठन से नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आएगी, रिक्त पद समय पर भरे जा सकेंगे और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभागों में मानव संसाधन की कमी भी दूर होगी। साथ ही युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बन सकेगी।