शादी का दबाव बना विवाद का कारण, पत्थर से हत्या कर जंगल में छोड़ा शव; मोबाइल तोड़कर सबूत मिटाने की भी कोशिश सीधी(ईन्यूज एमपी)- चुरहट थाना क्षेत्र के ग्राम कोष्टा पवाई के जंगल में मिले अज्ञात मानव कंकाल की गुत्थी को सीधी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार यह मामला एक प्रेम प्रसंग से जुड़ा हत्या का निकला, जिसमें शादी के लिए दबाव बनाए जाने पर प्रेमी ने युवती की पत्थर से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 30 जून 2026 को ग्राम कोष्टा पवाई के जंगल में एक अज्ञात मानव कंकाल मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर चुरहट थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण, पंचनामा और पोस्टमार्टम सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई के बाद जांच में हत्या की आशंका सामने आई। इसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। डीएनए परीक्षण और परिजनों द्वारा पहचान के बाद मृतका की शिनाख्त 19 वर्षीय प्रियंका साकेत, निवासी ग्राम मवई, थाना चुरहट के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के मोबाइल नंबर का तकनीकी विश्लेषण किया और उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर ग्राम चिलरी कला निवासी 20 वर्षीय पवन कारपेंटर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभ में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और मृतका की वर्ष 2024 में कॉलेज के दौरान जान-पहचान हुई थी और वर्ष 2025 से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। मृतका लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि आरोपी अलग-अलग जाति होने का हवाला देकर विवाह से इंकार कर रहा था। पुलिस के अनुसार 24 जून 2026 को आरोपी युवती को चुरहट बुलाकर ग्राम कोष्टा पवाई के जंगल में ले गया। वहां शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने मौके पर पड़े पत्थर से युवती के सिर के पीछे और कान के पास कई वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। पुलिस के अनुसार उसने मृतका का मोबाइल बंद कर उसके व्हाट्सएप से उसकी बहन को भ्रामक संदेश भेजे, ताकि किसी को संदेह न हो। बाद में मोबाइल तोड़कर नरकुई नदी में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में हत्या के अलावा साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी वैधानिक कार्रवाई की है। मामले में अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में निरीक्षक रीता त्रिपाठी और चुरहट थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी की गई है।