सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत कठदहा में करीब 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेकडेम पहली ही बारिश में बह गया। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य पूरा हुए अभी महज 15 दिन ही हुए थे। पहली बारिश में ही चेकडेम के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों के अनुसार, चेकडेम का निर्माण जल संरक्षण और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन पहली ही बारिश का पानी यह निर्माण नहीं झेल सका। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण लाखों रुपये की लागत से बना चेकडेम कुछ ही दिनों में ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तकनीकी मानकों और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप किया गया होता तो चेकडेम इतनी जल्दी नहीं बहता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही बरती गई, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त चेकडेम का पुनर्निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुसार कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल इस मामले को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चेकडेम के क्षतिग्रस्त होने के पीछे तकनीकी खामी, निर्माण गुणवत्ता या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।