सीधी (ईन्यूज़ एमपी)- सीधी जिले के गोपद बनास तहसील कार्यालय में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब रीवा लोकायुक्त की टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित तहसील कार्यालय में पदस्थ चपरासी दामोदर प्रसाद साकेत को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस कार्रवाई से पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई। जानकारी के अनुसार, खजुरी निवासी नागेंद्र तिवारी ने वारिसाना (उत्तराधिकार) संबंधी प्रकरण के निराकरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने के बदले चपरासी द्वारा रिश्वत की मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद रीवा लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और आरोपी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक चपरासी पर रिश्वत लेने का आरोप सामने आया है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसमें किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की कोई भूमिका है या नहीं। हालांकि, अब तक किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। मामले की जांच जारी है।