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सीधी:9 साल पुराने रिश्वत प्रकरण में प्रधान आरक्षक के खिलाफ चालान पेश, लोकायुक्त ने विशेष न्यायालय सीधी में दायर किया अभियोग पत्र

सीधी(ईन्यूज एमपी)-लोकायुक्त संगठन रीवा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के लंबित प्रकरणों के निराकरण की दिशा में बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2017 के एक रिश्वत प्रकरण में तत्कालीन प्रधान आरक्षक मनोज सिंह बघेल के विरुद्ध माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सीधी में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है।

लोकायुक्त रीवा से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशन तथा उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में की गई। आरोपी मनोज सिंह बघेल वर्ष 2017 में चौकी मड़वास, थाना मझौली, जिला सीधी में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे।

लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता हरिश्चंद्र तिवारी के ओवरलोड ट्रक से संबंधित प्रकरण में जेल नहीं भेजने के एवज में आरोपी ने 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद 4 अगस्त 2017 को लोकायुक्त रीवा की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को कथित रूप से 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

इस मामले में अपराध क्रमांक 156/2017 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं धारा 13(1)(डी) सहपठित धारा 13(2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। जांच पूरी होने पर आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध पाए जाने के बाद मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई।

इसके उपरांत 9 जुलाई 2026 को लोकायुक्त रीवा ने माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सीधी में अभियोग पत्र क्रमांक 23/2026 प्रस्तुत किया। न्यायालय में इस मामले को विशेष प्रकरण क्रमांक 01/2026 के रूप में दर्ज किया गया है।

लोकायुक्त की इस कार्रवाई को लंबित भ्रष्टाचार प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय में होगी।

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