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एमपी में फिर जोर पकड़ेगा मानसून, आज 44 जिलों में बारिश का अलर्ट

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को प्रदेश के 44 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें डिंडौरी और उमरिया जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है।

प्रदेश में शुक्रवार को करीब नौ दिन बाद कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। उमरिया, डिंडौरी और बालाघाट में तेज वर्षा हुई, जबकि राजधानी भोपाल में भी रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके साथ सक्रिय ट्रफ लाइन प्रदेश में पर्याप्त नमी पहुंचा रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार से नया मौसम तंत्र भी सक्रिय हो रहा है, जिससे अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। यदि यह सिस्टम और मजबूत होता है तो मध्यप्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान डिंडौरी और उमरिया में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

वहीं श्योपुर, गुना, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने तथा धूप निकलने के आसार हैं। हालांकि इन क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान मौसम प्रणाली सक्रिय बनी रही तो जुलाई के शेष दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने से खेती और जल स्रोतों को बड़ी राहत मिलेगी।

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