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एमपी में बारिश पर ब्रेक, 35 जिलों में सूखे जैसे हालात; 19 जुलाई के बाद फिर सक्रिय होगा मानसून

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में पिछले एक सप्ताह से भारी या अति भारी बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। सबसे अधिक चिंता पूर्वी मध्यप्रदेश को लेकर है, जहां सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 35 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 270.3 मिमी होनी चाहिए थी। इस प्रकार प्रदेश में अब तक करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश की कमी और अधिक गंभीर है, जहां सामान्य से 24 प्रतिशत कम वर्षा** रिकॉर्ड की गई है। दूसरी ओर पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

पूर्वी मध्यप्रदेश में बढ़ी चिंता

बारिश की कमी का सबसे अधिक असर जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों में खेतों की नमी कम होने लगी है, जिससे खरीफ फसलों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं जलाशयों और छोटे जल स्रोतों में भी अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है।

19 जुलाई से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र विकसित हो रहा है तथा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन प्रणालियों के प्रभाव से मध्यप्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने और कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

आज इन जिलों में हल्की बारिश की संभावना

गुरुवार को इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज हवा चलने का अनुमान है।

वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर जिलों में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अच्छी बारिश की उम्मीद

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है, लेकिन पूर्वी हिस्से में वर्षा की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। आगामी निम्न दाब क्षेत्र और अन्य मौसम प्रणालियों की दिशा एवं तीव्रता पर आगे की बारिश निर्भर करेगी। यदि सभी मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो **जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है**, जिससे किसानों और जल संसाधनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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