चेक बाउंस मामले में विधिक सलाह के नाम पर मांगे थे 20 हजार रुपये, शिकायत के बाद लोकायुक्त रीवा ने की कार्रवाई सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में लोकायुक्त पुलिस रीवा ने सोमवार को बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई करते हुए अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बताते चलें कि न्यायालय परिसर के बाहर अभियोजन अधिकारी रिश्वत ले रहे थे लेकिन लोकायुक्त की टीम को देखते ही पैसे फेंक कर भाग चलें जिन्हें लोकायुक्त की टीम ने दौड़कर पकड़ा है।कार्रवाई से अभियोजन कार्यालय में हड़कंप मच गया। फिलहाल लोकायुक्त की टीम सर्किट हाउस में आरोपी से पूछताछ और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार फरियादी पंकज कुमार तिवारी ने लोकायुक्त पुलिस रीवा से शिकायत की थी कि उनके विरुद्ध चेक बाउंस का एक प्रकरण दर्ज है। मामले में विधिक सलाह के लिए आवेदन अभियोजन कार्यालय सीधी भेजा गया था। आरोप है कि अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत ने विधिक राय देने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत के अनुसार आरोपी पहले ही 8 हजार रुपये ले चुका था और शेष राशि के रूप में 10 हजार रुपये लेने के लिए फरियादी को बुलाया था। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त पुलिस रीवा ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। सोमवार को जैसे ही फरियादी ने आरोपी को 10 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद अभियोजन कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोकायुक्त पुलिस आरोपी को सर्किट हाउस ले गई, जहां रिश्वत प्रकरण से संबंधित दस्तावेजी और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।