लापरवाही उजागर होने पर पंचायत सचिव पर कार्रवाई, जुर्माने की राशि पीड़ित बुजुर्ग महिला के खाते में कराई जमा** सिंगरौली/देवसर(ईन्यूज एमपी)- जनपद पंचायत देवसर की ग्राम पंचायत गन्नई में एक आदिवासी विधवा बुजुर्ग महिला को तीन वर्षों तक विधवा पेंशन से वंचित रखना पंचायत सचिव को भारी पड़ गया। मामले की जांच में लापरवाही सिद्ध होने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जगदीश गोमे (आईएएस) ने ग्राम पंचायत गन्नई के सचिव तुलसीराम यादव पर 21,500 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद उतनी ही राशि पीड़ित महिला के बैंक खाते में जमा कराकर उसे न्याय दिलाया गया। जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गन्नई की 69 वर्षीय आदिवासी विधवा नानाबाई अगरिया पिछले तीन वर्षों से विधवा पेंशन के लाभ से वंचित थीं। आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर नानाबाई आज भी कच्चे खपरैल के मकान में रहने को विवश हैं। पेंशन नहीं मिलने के कारण उन्हें रोजमर्रा के खर्च और जीवन-यापन में गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जांच में सामने आई सचिव की लापरवाही मामला जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में आने के बाद तत्काल जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि पात्र हितग्राही होने के बावजूद पंचायत सचिव की लापरवाही के कारण नानाबाई अगरिया को वर्षों तक विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल सका। इसके बाद सीईओ ने सख्त रुख अपनाते हुए सचिव तुलसीराम यादव पर **21,500 रुपये का आर्थिक दंड** लगाया। महिला के खाते में पहुंची पूरी राशि कार्रवाई के बाद न केवल नानाबाई की विधवा पेंशन स्वीकृत कराई गई, बल्कि तीन वर्षों की लंबित पेंशन के बराबर **21,500 रुपये** उनके बैंक खाते में भी जमा करा दिए गए। इससे बुजुर्ग महिला को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना का भी मिलेगा लाभ प्रशासन ने केवल पेंशन तक ही राहत सीमित नहीं रखी, बल्कि नानाबाई अगरिया को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की। उनका नाम प्रधानमंत्री आवास प्लस-2024 की सूची में शामिल कराया गया है, जिससे भविष्य में उन्हें पक्का मकान मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है। लापरवाह कर्मचारियों को सख्त संदेश जिला पंचायत सीईओ की इस कार्रवाई के बाद पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को वंचित करने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।