भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने सभी विभागों में लंबित पदोन्नतियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। लक्ष्य है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले अधिकतम विभागों में विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकें आयोजित कर पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए पदोन्नति नियमों के बाद विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत सभी विभागों को रिक्त पदों का आकलन करने, पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची का परीक्षण करने तथा विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। करीब एक दशक बाद तेज हुई प्रक्रिया मध्यप्रदेश में पदोन्नति का मामला लंबे समय तक कानूनी विवादों के कारण प्रभावित रहा। आरक्षण और पदोन्नति से जुड़े विभिन्न मामलों के चलते कई वर्षों तक नियमित प्रमोशन नहीं हो सके, जिससे हजारों अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो गए। अब नए नियम लागू होने के बाद सरकार बड़े स्तर पर लंबित पदोन्नतियों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा तत्काल लाभ सरकारी निर्देशों के अनुसार ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी, जिनके खिलाफ विभागीय जांच लंबित है, गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है या जिनकी वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) प्रतिकूल है, उन्हें फिलहाल पदोन्नति का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमों के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा। विभागों में तैयार हो रही पात्र कर्मचारियों की सूची सभी विभागों में पात्र कर्मचारियों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है। वरिष्ठता सूची, सेवा अभिलेख, गोपनीय प्रतिवेदन तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है ताकि डीपीसी की बैठकों में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। इसके साथ ही रिक्त पदों का सत्यापन भी किया जा रहा है। हाईकोर्ट में सुनवाई भी जारी पदोन्नति नियमों से संबंधित कुछ मामलों पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। सरकार न्यायालय की प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई कर रही है। ऐसे में जिन मामलों पर न्यायालय के निर्देश लागू होंगे, उनका पालन करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों में सरकार की इस पहल से नई उम्मीद जगी है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी होती है तो विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी गति आने की संभावना है।