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Home मध्य प्रदेश एमपी में लागू हुई 'वीबी-जी राम जी' योजना, ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार, समय पर काम नहीं तो मिलेगा भत्ता

एमपी में लागू हुई 'वीबी-जी राम जी' योजना, ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार, समय पर काम नहीं तो मिलेगा भत्ता

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश सरकार ने 1 जुलाई से ग्रामीण परिवारों के लिए नई रोजगार गारंटी योजना 'वीबी-जी राम जी' लागू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी देने के साथ-साथ गांवों में स्थायी विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का अकुशल रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जो मनरेगा के 100 दिनों की तुलना में 25 दिन अधिक है।

योजना के नियमों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है। हालांकि इन्हें राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाना था, लेकिन बैठक नहीं होने के कारण राजपत्र के माध्यम से अधिसूचना जारी की गई। योजना का संचालन केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी में होगा, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

योजना के अनुसार रोजगार के लिए आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में रोजगार नहीं दिया जाता है, तो संबंधित पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। पहले 30 दिनों तक निर्धारित मजदूरी का 25 प्रतिशत और इसके बाद 50 प्रतिशत तक बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर भी श्रमिकों को राहत मिलेगी। यदि कार्य पूर्ण होने के बाद 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो 16वें दिन से प्रत्येक दिन की देरी पर 0.05 प्रतिशत की दर से क्षतिपूर्ति (कंपनसेशन) दी जाएगी।

योजना के तहत रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित अथवा डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा। प्रत्येक आवेदन की रसीद देना भी अनिवार्य होगा।

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं ग्रामीण परिवारों को मिलेगा, जिनका पंजीकरण होगा तथा जिनके वयस्क सदस्यों का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य रोजगार के लिए आवेदन कर सकेगा।

योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, तालाब एवं बांध निर्माण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण सड़क निर्माण, आजीविका संवर्धन, मूलभूत अधोसंरचना विकास तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

योजना के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा। कार्यों की निगरानी के लिए जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली, रियल टाइम डैशबोर्ड तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सकेगी।

राज्य सरकार ने योजना में कमजोर और वंचित वर्गों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया है। ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें पहले रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित हो सके।

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' के माध्यम से गांवों का समग्र और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना भी है। पंचायत स्तर की विकास योजनाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे।

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