सिवनी(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को सिवनी जिले में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव एवं कोदो-कुटकी प्रोत्साहन राशि वितरण समारोह में अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपाई की, उनके साथ बैठकर भोजन किया और आत्मीय संवाद करते हुए खेती-किसानी से जुड़े अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री की सादगी और किसानों के बीच सहज व्यवहार ने कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ा दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले को 494.16 करोड़ रुपये की लागत से 629 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 349.33 करोड़ रुपये की लागत से 586 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 144.83 करोड़ रुपये की लागत से 43 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि एवं मिलेट्स आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कन्या पूजन में भी भाग लिया। उन्होंने सिवनी जिले के लिए बालाघाट-सिवनी फोरलेन सड़क निर्माण, चमारा विकासखंड में शासकीय महाविद्यालय, स्टेडियम सहित कई नई विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के धान को जीआई टैग प्राप्त हुआ है, जिससे प्रदेश के किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3,941 किसानों के बैंक खातों में एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से कोदो-कुटकी उत्पादन पर 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ श्रीअन्न उत्पादक किसानों को बोनस भी प्रदान कर रही है। पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो-कुटकी की खरीद शुरू की गई है और इसके ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा विपणन पर भी कार्य किया जा रहा है। डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी तथा बैगनी अरहर को जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की मांग बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि भी सिंगल क्लिक से अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि संबल योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर चार लाख रुपये, सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये तथा स्थायी अपंगता की स्थिति में एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीब, वंचित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र हितग्राहियों को भी आवास उपलब्ध कराने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी फसलों को गरीबों की फसल कहा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें "श्रीअन्न" का सम्मान दिलाकर देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई है। उन्होंने किसानों से मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए विविध फसलों की खेती अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों को अनेक योजनाओं का लाभ दे रही है। सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना का लाभ दिया गया है और अब धान उत्पादक किसानों के लिए भी भावांतर योजना लागू की जाएगी, जिससे न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेत से लेकर बाजार तक कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि किसानों की आय बढ़े और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं और विकास कार्यों से सिवनी सहित पूरे प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी।