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रीवा संभाग में राजस्व रिकॉर्ड पर कमिश्नर का बड़ा एक्शन, छह कलेक्टरों को सख्त निर्देश

रीवा(ईन्यूज एमपी)- रीवा संभाग के नवागत कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने पदभार संभालते ही राजस्व अभिलेखों को लेकर बड़ी पहल की है। उन्होंने रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर और मऊगंज के कलेक्टरों को पत्र जारी कर राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्य में तेजी लाने और जमीनी हकीकत के अनुरूप रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि राजस्व रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की विसंगति आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रही है और इससे शासन की छवि भी प्रभावित होती है।

जारी पत्र में कमिश्नर ने कहा है कि उनके संज्ञान में आया है कि कई स्थानों पर खसरा, नक्शा और मौके की वास्तविक स्थिति में एकरूपता नहीं है।इसके कारण आम नागरिक अपनी ही भूमि से संबंधित मामलों में भ्रम की स्थिति का सामना करते हैं और शिकायत लेकर अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं।

कमिश्नर ने याद दिलाया कि राजस्व अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे मौके की स्थिति के अनुरूप राजस्व अभिलेखों को स्वतः अद्यतन रखें। इसके लिए किसानों या आम नागरिकों से आवेदन लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि विशेष अभियान चलाकर खसरा, नक्शा और मौके की स्थिति का मिलान कर अभिलेखों को अपडेट कराया जाए।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अभियान की हर 15 दिन में समीक्षा स्वयं कमिश्नर कार्यालय द्वारा की जाएगी, जिससे कार्य की प्रगति पर लगातार निगरानी बनी रहे।

गौरतलब है कि जिन छह जिलों के कलेक्टरों को यह पत्र भेजा गया है, उनमें रीवा, सीधी और सिंगरौली के कलेक्टर अपनी सक्रिय कार्यशैली, जनसुनवाई और सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए इनकी सराहना भी होती रही है। इसके बावजूद भूमि अभिलेखों में व्याप्त विसंगतियां और राजस्व संबंधी शिकायतें पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी हैं। यही वजह है कि नवागत कमिश्नर ने इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए व्यापक सुधार अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

राजस्व मामलों में यह पहल किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों के लिए राहत देने वाली मानी जा रही है। यदि निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो जमीन संबंधी विवादों में कमी आने के साथ-साथ लोगों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।

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