बुजुर्गों के सम्मान, सेवा और संस्कारों को समर्पित रहा आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां सीधी(ईन्यूज एमपी)-अंतर्राष्ट्रीय पितृ दिवस के अवसर पर कैलाश स्वर्ण वृद्धाश्रम, पनवार में "तात्-श्री सम्मान समारोह" का भावपूर्ण एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, कलेक्टर विकास मिश्रा, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर वृद्धजनों का सम्मान कर उनके प्रति आदर, संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम की शुरुआत "पिता ही जीवन की पहली प्रेरणा हैं, उनके चरणों में ही हमारी पहचान है" जैसे भावपूर्ण संदेश के साथ हुई। वक्ताओं ने कहा कि माता-पिता और बुजुर्ग केवल परिवार की नींव ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुभव और जीवन मूल्यों की जीवंत पाठशाला हैं। उनका सम्मान करना भारतीय संस्कृति की सबसे सुंदर परंपराओं में से एक है। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन हम सभी को अपनी पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। जिस स्नेह, त्याग और समर्पण के साथ माता-पिता अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं, उसी प्रेम और आत्मीयता के साथ उनके सम्मान, स्वास्थ्य और सुख-सुविधाओं का ध्यान रखना प्रत्येक संतान का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक नागरिक को बेहतर एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। विधायक श्रीमती रीती पाठक ने अंतर्राष्ट्रीय पितृ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों की सेवा सर्वोच्च कर्तव्य मानी गई है। परिवारों में फिर से वह आत्मीय परंपरा जीवित होनी चाहिए, जिसमें प्रतिदिन माता-पिता का आशीर्वाद लिया जाए, उनकी आवश्यकताओं को समझा जाए और उनके स्वास्थ्य एवं सम्मान का निरंतर ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में प्रशासन भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह ने कहा कि बुजुर्ग हमारे परिवारों की जड़ें हैं और उनके अनुभव समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके आशीर्वाद से परिवारों में सुख, शांति और संस्कारों का संचार होता है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान केवल एक अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारी दैनिक जीवनशैली और सामाजिक संस्कार का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए। कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण एवं सम्मानजनक जीवन के लिए निरंतर प्रयासरत है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार के बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में निवासरत वरिष्ठजनों का पुष्पगुच्छ एवं सम्मान सामग्री भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भावुक और आनंदमय बना दिया। बच्चों एवं कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को बुजुर्गों के प्रति सम्मान, अपनत्व और पारिवारिक मूल्यों की महत्ता का संदेश दिया। कई वरिष्ठजन भावुक होकर अपने अनुभव साझा करते नजर आए, जिसने पूरे समारोह को आत्मीयता से भर दिया। कार्यक्रम में कल्याणी शक्तिपीठ भोपाल से साध्वी तपस्या नन्द जी, मऊ से रामचंद्र दास महाराज जी, समाजसेवी ज्ञान सिंह, लालचंद गुप्ता, पुनीत नारायण शुक्ला, मनोज सिंह, अमित प्रधान,आर.बी. सिंह, दिलीप सितानी, चंद्रभान बसंतानी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी धनंजय मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत चंदूलाल पानिका, श्रम पदाधिकारी आकांक्षा पाठक, श्रीमती आशा मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के अंत में सभी उपस्थितजनों ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और समाज के वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सेवा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी को प्राथमिकता देंगे तथा उनके अनुभवों और आशीर्वाद को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सतत प्रयास करेंगे। यह आयोजन केवल पितृ दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय पारिवारिक मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत संदेश बनकर उभरा।