सीधी(ईन्यूज एमपी)- जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरदह में पंचायत कार्यों में अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव और सरपंच की मिलीभगत से आवश्यक विकास कार्यों की अनदेखी कर ऐसे निर्माण कराए जा रहे हैं, जिनका आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के मुख्य आवागमन मार्ग के बीचोंबीच नाडेप (जैविक खाद गड्ढा) का निर्माण करा दिया गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। आरोप है कि यह निर्माण महेंद्र त्रिपाठी के घर के सामने मुख्य चलतू मार्ग पर किया गया, जबकि इसकी आवश्यकता वहां नहीं थी। पुल की जगह बना दी नाली, समस्या जस की तस ग्रामीणों का कहना है कि महेंद्र त्रिपाठी के घर जाने वाले मार्ग पर स्थित गहरे नाले के कारण वर्षों से आवागमन बाधित रहता है। इस स्थान पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन पुल के स्थान पर नाली और रिटेनिंग वॉल का निर्माण स्वीकृत कर दिया गया। आरोप है कि बरसात के दौरान निर्माण कार्य शुरू किया गया, जिससे कार्य अधूरा रह गया और समस्या का समाधान नहीं हो सका। रिटेनिंग वॉल की गुणवत्ता पर भी सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बनाई गई रिटेनिंग वॉल कम ऊंचाई की है और उसमें सरिया (छड़) का उपयोग भी नहीं किया गया। बरसात में पानी दीवार के ऊपर से बह जाता है, जिससे उसका उद्देश्य ही पूरा नहीं हो रहा। लोगों का कहना है कि निर्माण गुणवत्ता विहीन है और केवल सरकारी राशि खर्च करने के उद्देश्य से किया गया है। जलभराव से आवागमन बाधित अधूरी नाली और अनुपयुक्त निर्माण के कारण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पहले भी लग चुके हैं भ्रष्टाचार के आरोप ग्रामीणों ने दावा किया कि ग्राम पंचायत गौरदह में इससे पहले भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। आरोप है कि खेल मैदान में डग पाउंड (तालाब) निर्माण की राशि दो बार आहरित की गई, जबकि वृक्षारोपण के नाम पर भी बिना कार्य कराए भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है।