भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों और शिक्षकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने डिफॉल्टर किसानों को राहत देने के लिए 'कवच योजना'को मंजूरी दी, वहीं जनजातीय कार्य विभाग के 6,846 शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नत वेतनमान देने और 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती करने का भी फैसला लिया। डिफॉल्टर किसानों के लिए लागू होगी 'कवच योजना' राज्य सरकार सहकारी बैंकों में खाताधारक किसानों की राशि के गबन अथवा हड़पने के मामलों में पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए 'कवच योजना' लागू करेगी। योजना के माध्यम से ऐसे किसानों को आर्थिक सहायता और संरक्षण मिलेगा, ताकि वे दोबारा कृषि कार्य के लिए बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ सकें और वित्तीय संकट से उबर सकें। 6,846 शिक्षकों को मिलेगा चौथा क्रमोन्नत वेतनमान कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग के 6,846 शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नत वेतनमान देने की मंजूरी भी दी है। इसका लाभ उन शिक्षकों को मिलेगा, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। यह वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना जाएगा। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग **182 करोड़ रुपये** का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। 10 हजार नए शिक्षकों की होगी भर्ती मंत्रिमंडल ने जनजातीय कार्य विभाग में **10 हजार शिक्षकों की भर्ती** का भी निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति होगी और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। किसानों और शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा लाभ सरकार का कहना है कि इन फैसलों से एक ओर आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ प्राप्त होंगे। नई शिक्षक भर्ती से प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद है।