उमरिया(ईन्यूज एमपी)- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में गुरुवार को बाघ के हमले में एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान लगभग 60 वर्षीय अन्नू रजक के रूप में हुई है, जो उत्तर पलझा क्षेत्र में महुआ गुठली बीनने के लिए जंगल गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जब बुजुर्ग काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जंगल में एक महुआ पेड़ के नीचे उनके जूते और शर्ट मिले, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। इसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ने हाथियों की मदद से सघन सर्च अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद जंगल की झाड़ियों में बुजुर्ग का शव मिला। बताया जा रहा है कि शव के पास ही बाघ बैठा हुआ था, जिसके कारण वन अमले को रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। वन विभाग की टीम हाथियों की सहायता से बाघ को शव से दूर हटाने का प्रयास करती रही। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जांच में बुजुर्ग की मौत बाघ के हमले से होना माना जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जून माह में बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। लगातार हो रही घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों ने वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा प्रभावित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।