इस साल अब तक 7 मलेरिया और 18 डेंगू के मामले मिले, रोकथाम के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में मलेरिया और डेंगू जैसे मच्छरजनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। विभाग द्वारा बुखार रोगियों की लगातार जांच के साथ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, सर्वेक्षण और जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी हरिओम सिंह के अनुसार, 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक जिले में कुल 88,545 बुखार रोगियों की जांच की गई। इनमें 7 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। इसी अवधि में जिले में डेंगू के 18 पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। रामपुर नैकिन, मझौली और सीधी में भी मिले मरीज वर्ष 2026 में सामने आए 7 मलेरिया मामलों में 3 पी.व्ही. और 4 पी.एफ. प्रकरण शामिल हैं। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार रामपुर नैकिन, मझौली और शहरी क्षेत्र सीधी में एक-एक, जबकि सिहावल और कुसमी में दो-दो मलेरिया पॉजिटिव प्रकरण मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों में निगरानी के साथ आवश्यक रोकथाम और जागरूकता गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। पिछले साल 1.91 लाख से ज्यादा लोगों की हुई थी जांच स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में जिले में 1,91,516 बुखार रोगियों की जांच की गई थी। इनमें 47 मलेरिया पॉजिटिव मामले सामने आए थे। इनमें 23 पी.व्ही., 19 पी.एफ. और 5 मिश्रित मलेरिया के प्रकरण शामिल थे। इसी अवधि में 49 डेंगू पॉजिटिव मरीज मिले थे। विभाग का कहना है कि इस वर्ष भी बुखार रोगियों की जांच के साथ मलेरिया और डेंगू की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार संबंधित क्षेत्रों में सर्वेक्षण, जांच और जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं। घर के आसपास पानी जमा न होने दें स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। कूलर, गमले, पुराने टायर, कबाड़, पानी की टंकियों और ऐसे अन्य स्थानों की नियमित सफाई करने की सलाह दी गई है, जहां पानी जमा हो सकता है। पानी की टंकियों और अन्य जलपात्रों को ढंककर रखने तथा अनुपयोगी पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने की अपील की गई है। नागरिकों को सप्ताह में कम से कम एक बार घर और आसपास जलजमाव वाले स्थानों की जांच करने की सलाह दी गई है। दिन और रात दोनों समय मच्छरों से बचाव जरूरी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू फैलाने वाला मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय सक्रिय रहता है, जबकि मलेरिया फैलाने वाला मच्छर शाम और रात के समय अधिक सक्रिय होता है। ऐसे में दिन और रात दोनों समय मच्छरों से बचाव के उपाय करना जरूरी है। इसके लिए मच्छरदानी, मच्छररोधी साधनों और खिड़की-दरवाजों पर जाली का इस्तेमाल करने के साथ शरीर को यथासंभव ढककर रखने की सलाह दी गई है। बुखार को नजरअंदाज न करें, कराएं जांच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार होने पर इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मलेरिया और डेंगू की जांच कराएं। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या अन्य असामान्य लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है। बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं का सेवन नहीं करने और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेने को कहा गया है। जनभागीदारी से रुकेगा मच्छरजनित रोगों का प्रसार जिला मलेरिया अधिकारी हरिओम सिंह ने कहा कि मलेरिया और डेंगू की रोकथाम में जनभागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। प्रत्येक नागरिक अपने घर, कार्यस्थल और आसपास पानी का जमाव रोकने के साथ परिवार एवं पड़ोस के लोगों को भी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में बुखार रोगियों की जांच, रोगियों की पहचान और आवश्यकता के अनुसार संबंधित क्षेत्रों में रोकथाम एवं जागरूकता गतिविधियां लगातार जारी हैं। विभाग ने नागरिकों से स्वच्छता और सावधानी को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा बुखार होने पर समय पर जांच और उपचार कराने की अपील की है।