सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले में गर्भवती महिलाओं को बेहतर प्रसूति सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा शुरू की गई है। राज्य शासन के निर्देशानुसार यह सुविधा आउटसोर्स के माध्यम से निजी पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटरों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी। शासन ने प्रति सोनोग्राफी अधिकतम 500 रुपये की राशि का प्रावधान किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने बताया कि जिले की शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यकता के अनुसार निजी पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटरों के माध्यम से भी गर्भवती महिलाओं की जांच कराई जाएगी। जिन शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट अथवा प्रशिक्षित स्त्री रोग विशेषज्ञ पदस्थ नहीं हैं, वहां निजी क्षेत्र के पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट द्वारा आवश्यक पीसीपीएनडीटी पंजीयन के बाद संस्था में उपलब्ध मशीन से सोनोग्राफी की जाएगी। इसके लिए शासन द्वारा अधिकतम 500 रुपये प्रति सोनोग्राफी की दर से भुगतान किया जाएगा। वहीं, जिन शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां से गर्भवती महिलाओं को निजी पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटर भेजकर जांच कराई जाएगी। इस स्थिति में भी प्रति सोनोग्राफी अधिकतम 500 रुपये की राशि शासन द्वारा देय होगी। ई-रूपी में तकनीकी समस्या होने पर भी मिलेगी सुविधा सीएमएचओ डॉ. खरे ने बताया कि ई-पीएमएसएमए दिवस पर ई-रूपी के अंतर्गत एनएचए पोर्टल में तकनीकी त्रुटि के कारण डिजिटल भुगतान नहीं हो पाने की स्थिति में भी गर्भवती महिलाओं को निजी सोनोग्राफी सेंटर के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। संबंधित जिले के माध्यम से शासन द्वारा प्रति केस 500 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। चिकित्सकीय अनुशंसा के बाद ही होगी सोनोग्राफी सोनोग्राफी की सुविधा प्राप्त करने के लिए गर्भवती महिला का पहले शासकीय स्वास्थ्य संस्था में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा चिकित्सा अधिकारी द्वारा परीक्षण किया जाएगा। जांच के बाद सोनोग्राफी की आवश्यकता होने पर ओपीडी पर्ची पर चिकित्सकीय अनुशंसा की जाएगी। ओपीडी पर्ची पर संबंधित चिकित्सक का नाम, हस्ताक्षर और सील स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य होगा। इसके बाद गर्भवती महिला को निजी सोनोग्राफी सेंटर भेजने के लिए संबंधित शासकीय स्वास्थ्य संस्था द्वारा वाउचर जारी किया जाएगा। वाउचर की एक प्रति स्वास्थ्य संस्था में सुरक्षित रखी जाएगी, जबकि दूसरी प्रति संबंधित सोनोग्राफी सेंटर को दी जाएगी। इसी वाउचर के आधार पर पात्र गर्भवती महिला की सोनोग्राफी बिना किसी शुल्क के की जाएगी। नियमित प्रसवपूर्व जांच कराने की अपील सीएमएचओ डॉ. खरे ने आमजन से अपील की है कि गर्भवती महिलाएं नियमित प्रसवपूर्व जांच के लिए अपने नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। पात्र हितग्राहियों को शासन के निर्देशानुसार गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।