भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को विस्तार देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार प्रदेश में प्रस्तावित 10 एयरस्ट्रिप्स में से पहले चरण में 5 को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत सिंगरौली से होगी। इसके साथ ही उज्जैन और शिवपुरी में निर्माणाधीन एयरपोर्ट की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई विमानन विभाग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की प्रस्तावित 10 एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने में पूरी मदद करेगी। 10 एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने की तैयारी राज्य सरकार ने प्रदेश की 10 उन्नत एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में आठ एयरपोर्ट तैयार हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे और इसकी शुरुआत सिंगरौली से होगी। इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उड़ान योजना के तहत 2036 तक 100 नए एयरपोर्ट का लक्ष्य केंद्रीय मंत्री नायडू ने बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना को अगले 10 साल के लिए बढ़ाकर वर्ष 2036 तक कर दिया गया है। योजना के तहत देशभर में अगले 10 वर्षों में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश में प्रस्तावित एयरपोर्ट भी इसी योजना के तहत विकसित किए जाने हैं। इससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में हवाई सेवाओं का विस्तार होने और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 10 अक्टूबर तक पर्यावरणीय मंजूरी बैठक में उज्जैन और शिवपुरी में निर्माणाधीन एयरपोर्ट की प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और प्रदेश के विमानन विभाग के अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर 2026 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन एयरपोर्ट को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एयरपोर्ट के तैयार होने से देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। वहीं शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाना प्रस्तावित है। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए नई साइट की तलाश की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। छह महीने में 50 हजार से अधिक यात्रियों ने की हवाई यात्रा विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने बैठक में बताया कि पिछले छह महीनों में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ लिया है। उन्होंने इसे प्रदेश में बढ़ती हवाई सेवाओं के प्रति यात्रियों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। प्रदेश में पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा, पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा और पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही हैं। पिछले महीने इंदौर से अबुधाबी के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शुरू हुई है। इसके अलावा 10 अगस्त से चार नई सीधी हवाई सेवाओं के विस्तार की जानकारी भी बैठक में दी गई। एयर एम्बुलेंस से 170 से अधिक गंभीर मरीजों को मिला लाभ मध्यप्रदेश में संचालित पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा को भी बैठक में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में बताया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस सेवा के माध्यम से अब तक 170 से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया गया है। सरकार के अनुसार इनमें 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई गई। आयुष्मान कार्डधारियों के लिए यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्रीय मंत्री नायडू ने एयर एम्बुलेंस सेवा की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने इसके संचालन के माध्यम से देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। सिंगरौली के लिए महत्वपूर्ण कदम पहले चरण में सिंगरौली से एयरपोर्ट विकास की शुरुआत होने की घोषणा प्रदेश के पूर्वी हिस्से के लिए विशेष महत्व रखती है। सिंगरौली ऊर्जा और औद्योगिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है। एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जिसका लाभ औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ आम यात्रियों को भी मिल सकता है। प्रदेश में प्रस्तावित 10 एयरस्ट्रिप्स को चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट में बदलने की योजना पूरी होने पर मध्यप्रदेश के कई ऐसे क्षेत्र हवाई नेटवर्क से जुड़ सकेंगे, जहां वर्तमान में हवाई सेवाओं की सीमित उपलब्धता है। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य (प्लानिंग) अनिल कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक एच. पुल्ला, आयुक्त विमानन चंद्रमौली शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।