रीवा(ईन्यूज एमपी)- रीवा शहर में शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चर्चित स्टोन क्रेशर संचालक एवं ठेकेदार कृष्णकांत (केके) सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के पद्मधर कॉलोनी स्थित आवास "लालता सदन" पर छापेमार कार्रवाई की। सुबह-सुबह ईडी की टीम के पहुंचने से इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों के साथ सुबह तड़के आवास पहुंची और परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि अधिकारी वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई तथा पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है। बताया जाता है कि जांच के दौरान परिवार के सदस्यों ने अधिकारियों से पहचान पत्र और कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी। केके सोहगौरा के भाई प्रदीप सोहगौरा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और उन्हें विश्वास है कि एजेंसी को जांच में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिलेगी। कृष्णकांत सोहगौरा रीवा जिले के प्रमुख ठेकेदारों और स्टोन क्रेशर व्यवसायियों में गिने जाते हैं। उनके नाम सेमरिया क्षेत्र की राजनीतिक और व्यावसायिक गतिविधियों में भी चर्चा में रहते हैं। इसी वजह से ईडी की कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तरह-तरह की चर्चाएं और कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ईडी की यह कार्रवाई किस विशेष मामले या आर्थिक अनियमितता की जांच के संबंध में की जा रही है। एजेंसी की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ईडी की कार्रवाई को लेकर पूरे रीवा और सेमरिया क्षेत्र में लोगों की निगाहें जांच के परिणाम पर टिकी हुई हैं। अब सभी को एजेंसी की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।