भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। बैठक में शिक्षा, सिंचाई, न्यायिक अधिकारियों की सुविधाओं, लाड़ली बहना योजना और किसानों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। अशासकीय विधि महाविद्यालयों के शिक्षकों को मिल सकता है यूजीसी का 7वां वेतनमान राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त अशासकीय विधि महाविद्यालयों में कार्यरत प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी और ग्रंथपाल को यूजीसी का सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में निर्णय हो सकता है। आदिवासी शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव के तहत वर्ष 1973-74 से 1997-98 के बीच नियुक्त उप शिक्षक, उपशाला शिक्षक, प्रशिक्षण शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड से चयनित शिक्षक, ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के शिक्षक और सहायक शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान देने पर फैसला हो सकता है। इसके साथ एरियर राशि के भुगतान को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। विभाग के एक अन्य प्रस्ताव में वर्ष 2016-17 में माध्यमिक शालाओं के उन्नयन से बने चार हाई स्कूलों के पदों की स्थिति निर्धारित करने पर भी चर्चा होगी।जल संसाधन विभाग की ओर से चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को लगातार जारी रखने तथा गोंड वृहद सिंचाई परियोजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। न्यायिक अधिकारियों के लिए उपकरण नीति में बदलाव न्यायिक सेवा के अधिकारियों को लैपटॉप, कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध कराने से संबंधित नीति में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को दी गई ₹250 की अतिरिक्त सहायता से संबंधित कार्रवाई के अनुमोदन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा।एमएसपी उपार्जन के लिए ब्याज मुक्त ऋण पर चर्चा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत खाद्यान्न उपार्जन के लिए निर्धारित ऋण सीमा के पुनर्भुगतान हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा होगी।इन सभी प्रस्तावों पर मंगलवार की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।