सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में लगातार बारिश के बीच सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग के ऑरेंज बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार 4 सितंबर की सुबह 6 बजे सोन नदी सीधी जिले के कोल्दह ब्रिज और चुरहट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार कोल्दह ब्रिज पर सोन नदी का जलस्तर 238.30 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का स्तर 238.25 मीटर निर्धारित है। इस तरह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 0.05 मीटर ऊपर है। हालांकि कोल्दह ब्रिज पर जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया गया है। वहीं चुरहट में सोन नदी का जलस्तर 245.09 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का स्तर 243.00 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 2.09 मीटर ऊपर बह रही है। राहत की बात यह है कि चुरहट क्षेत्र में जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने दिए सतत निगरानी के निर्देश सोन नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को दोनों स्थानों पर नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि स्थिति में किसी भी तरह के बदलाव पर तत्काल नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। कलेक्टर ने जिले के सभी अमृत सरोवरों, बांधों, नदियों और चेक डैम की स्थिति की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जलस्रोतों के आसपास आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। प्रशासन ने लोगों को नदी पार करने का जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों को नदी, नाले, तालाब और अन्य जलस्रोतों से दूर रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें। फिलहाल प्रशासन सोन नदी समेत जिले के प्रमुख जलस्रोतों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर में किसी भी अप्रत्याशित बदलाव की स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।