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मध्य प्रदेश में आज बैंक हड़ताल: 40 हजार बैंककर्मी नहीं करेंगे काम, अगले 3 दिन असर; 5-डे वीक की मांग

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में आज शुक्रवार को बैंककर्मियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले होने वाली इस हड़ताल में प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मी शामिल होंगे। हड़ताल के चलते कई बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। भोपाल में बैंककर्मी एकत्र होकर प्रदर्शन भी करेंगे।

हड़ताल भले ही एक दिन की है, लेकिन इसका असर लगातार तीन दिन तक देखने को मिल सकता है। शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहने के कारण नियमित बैंकिंग सेवाएं सोमवार से ही सामान्य होने की संभावना है।

कैश निकालने से लेकर चेक क्लियरेंस तक असर

हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में कर्मचारियों के काम नहीं करने से ग्राहकों को बड़ी रकम निकालने, चेक जमा करने और चेक क्लियरेंस जैसी सेवाओं में परेशानी हो सकती है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सेवाएं कई मामलों में उपलब्ध रह सकती हैं, लेकिन शाखा आधारित काम प्रभावित होगा।

हड़ताल से पहले यूनियंस और सरकार के बीच बातचीत का दौर जारी रहा, लेकिन सकारात्मक समाधान नहीं निकलने के बाद बैंक यूनियनों ने हड़ताल को पूर्ववत रखने का फैसला किया।

क्यों हो रही है बैंक हड़ताल?

बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग 5 दिवसीय बैंकिंग वीक लागू करने की है। फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। यूनियनों का कहना है कि हर शनिवार छुट्टी घोषित कर सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू की जाए।

इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज का समय करीब 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव है।

पेंशन से भर्ती तक कई मांगें लंबित

यूनियनों के मुताबिक पेंशन अपडेशन, पेंशनभोगियों के एक्स-ग्रेशिया की समीक्षा, NPS को OPS में बदलने, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान DA व्यवस्था और पर्याप्त संख्या में क्लर्क, सब-स्टाफ व गार्ड की भर्ती जैसी मांगें भी लंबित हैं।

इसके अलावा ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर भी यूनियनें सरकार से समाधान की मांग कर रही हैं।

PLI योजना का भी विरोध

UFBU ने स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू PLI योजना का भी विरोध किया है। यूनियनों का आरोप है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था से बैंक कर्मचारियों के बीच असमानता बढ़ सकती है और अधिकारियों के एक छोटे वर्ग को अनुपातहीन लाभ मिल सकता है।

सितंबर के अंत में फिर पांच दिन बैंक बंद रहने की संभावना

यूनियनों के कार्यक्रम के अनुसार 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल प्रस्तावित है। इससे पहले 26 और 27 सितंबर को शनिवार-रविवार का अवकाश रहेगा। ऐसे में यदि कार्यक्रम में बदलाव नहीं हुआ तो 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

बैंक यूनियन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा के अनुसार, 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग जायज है, लेकिन सरकार इसे अनावश्यक रूप से लंबित कर रही है। यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आगे भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

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