भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र और मानसून ट्रफ एक्टिव होने से कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। शनिवार को बालाघाट, छतरपुर, नरसिंहपुर, सतना, सीधी और पन्ना समेत कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी में भारी बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में बारिश रविवार को जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। भोपाल में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का अनुमान है। सीधी में 104 करोड़ की सड़क का हिस्सा बहा लगातार बारिश के बीच सीधी जिले में करीब छह महीने पहले बनी 104 करोड़ रुपए की सड़क का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पन्ना में उफनती नदी में बहा डंपर पन्ना जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र में कालिंजर से अजयगढ़ जा रहा डंपर शहपुरा नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और पानी में बह गया। डंपर चालक सनी उर्फ रोहित सिंह ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई। सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बहे सतना जिले के नागौद क्षेत्र में ललचहा-इटमा नाले में शुक्रवार देर रात तेज बहाव के दौरान बाइक समेत तीन लोग बह गए। बालेंद्र सिंह और दीपू पांडेय तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि तीसरा व्यक्ति पानी के तेज बहाव में बह गया। उसकी तलाश की जा रही है। छतरपुर में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी छतरपुर जिले के महाराजपुर क्षेत्र के हरपई पुरवा में बारिश के बाद कुम्हेड़ नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे करीब 250 से 300 ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। गांव में पुल नहीं होने के कारण बारिश के दौरान महाराजपुर से संपर्क मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक बच्चों को कंधे पर बैठाकर नदी पार करानी पड़ती है। बीमार लोगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के बढ़े जलस्तर के दौरान सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले रास्तों को पार नहीं करने की अपील की है।