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स्थानीय उत्पादों से सजेगा राखी मेला, महिला समूहों को मिलेगा बाजार

मानस भवन में 23 से 25 अगस्त तक तीन दिवसीय आयोजन, मिलेट्स, महुआ, बांस, जूट और हैंडलूम उत्पादों की होगी प्रदर्शनी एवं बिक्री

सीधी(ईन्यूज एमपी)-राखी पर्व के अवसर पर जिले के स्थानीय उत्पादों और महिला स्व-सहायता समूहों के हुनर को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आजीविका मिशन द्वारा तीन दिवसीय राखी मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 23 से 25 अगस्त तक मानस भवन, सीधी में आयोजित होगा। मेले में महिला स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ बिक्री भी की जाएगी। मेले की थीम “स्थानीय उत्पाद, स्थानीय पहचान, आत्मनिर्भर सीधी की शान” रखी गई है।

ग्रामीण हुनर और स्थानीय उत्पाद होंगे आकर्षण

मेले में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें मिलेट्स उत्पाद, जूट उत्पाद, एलईडी बल्ब, महुआ से तैयार सामग्री, देशी अरहर दाल, बांस उत्पाद, हैंडलूम सामग्री, अचार, मूर्तियां, पंजा दरी, दोना-पत्तल सहित अन्य स्थानीय उत्पाद शामिल हैं।

स्थानीय स्तर पर तैयार महुआ लड्डू और महुआ कुकीज भी मेले के विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इन उत्पादों के माध्यम से जिले की स्थानीय उपज, पारंपरिक कौशल और ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

राखी मेला महिला स्व-सहायता समूहों के लिए अपने उत्पादों को सीधे बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बनाने, नए ग्राहक जोड़ने और आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा। उत्पादों की बिक्री के साथ महिलाओं के आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

आजीविका मिशन ने आमजन से मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने और महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों को प्रोत्साहित करने की अपील की है। स्थानीय उत्पादों को अपनाना ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को सम्मान देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर सीधी के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

राखी के उत्सव में स्थानीयता और आत्मनिर्भरता का संदेश

राखी पर्व पर आयोजित यह मेला केवल खरीदारी का अवसर नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का मंच भी बनेगा। तीन दिनों तक मानस भवन में जिले की स्थानीय कला, उत्पाद और महिला समूहों की मेहनत एक साथ देखने को मिलेगी।

मेले के माध्यम से सीधी के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने और महिला स्व-सहायता समूहों को व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है।

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