बलरामपुर(ईन्यूज एमपी)- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा राजपुर-कुसमी मार्ग पर सेवारी के पास रात करीब 2 बजे हुआ। मजदूरों से भरी तेज रफ्तार पिकअप की बाक्साइट लोड ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर जिले के ग्राम नरोला के रहने वाले 10 मजदूर पिकअप से टमाटर की खेती के काम के लिए शंकरगढ़ जा रहे थे। सेवारी के पास तेज रफ्तार पिकअप बाक्साइट लोड ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी मजदूर घायल हो गए। तीन मजदूरों की मौके पर मौत हादसे की सूचना मिलते ही राजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर पहुंचाया। अस्पताल में जांच के बाद तीन मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में रान साय (34), उदय कुमार (25) और अमर साय (35) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीनों के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई थीं। वहीं घायल मजदूरों में देव कुमार (34), भानू (32), अमर साय (40), लक्ष्मण (30), अजय कुमार (40), राय सिंह (38) और प्रदीप (34) शामिल हैं। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इनमें कम से कम चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे की वजह पिकअप की तेज रफ्तार बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया। राजपुर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि सभी मजदूर सूरजपुर जिले के ग्राम नरोला के रहने वाले हैं। हादसे की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन सुबह राजपुर पहुंचे। मालवाहक वाहनों में मजदूरों के परिवहन पर सवाल हादसे के बाद मालवाहक वाहनों में मजदूरों के परिवहन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद खेती-किसानी के काम के लिए मजदूरों को अक्सर पिकअप जैसे मालवाहक वाहनों में बैठाकर ले जाया जाता है। इससे दुर्घटना की स्थिति में जनहानि का खतरा बढ़ जाता है। एक माह पहले भी हुआ था हादसा बलरामपुर जिले में मजदूरों को मालवाहक वाहन से ले जाने के दौरान हादसे का यह पहला मामला नहीं है। करीब एक माह पहले शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में मजदूरों से भरी पिकअप पलटने से तीन महिलाओं की मौत हो गई थी। सभी मजदूर रोपा लगाने के बाद वापस लौट रहे थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बावजूद मालवाहक वाहनों में मजदूरों के परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है।