सीधी(ईन्यूज एमपी)- शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, मझौली के परीक्षा केंद्र को लेकर छात्र नेता शिवम शुक्ला ने प्रभारी प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र बहाल कराने के लिए समय पर आवश्यक प्रयास नहीं किए गए, जिससे छात्र-छात्राओं को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिवम शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2016-17 में परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर नकल और जांच दल के साथ अभद्रता एवं मारपीट की घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मझौली महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र समाप्त कर उसे सीधी स्थानांतरित कर दिया था। उनका कहना है कि तब से लेकर लंबे समय तक महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा केंद्र की पुनर्स्थापना के लिए कोई प्रभावी पत्राचार नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 में स्थानीय विधायक के प्रयास से इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया। न्यायालय ने पहले विश्वविद्यालय स्तर पर आवश्यक पत्राचार करने की बात कही, जिसके बाद महाविद्यालय की ओर से शासन और विश्वविद्यालय को पत्र भेजे गए। छात्र नेता ने यह भी कहा कि वे स्वयं पूर्व में कुलपति और रजिस्ट्रार से मिलकर परीक्षा केंद्र बहाल करने की मांग कर चुके हैं। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय ने मामले के न्यायालय में लंबित होने का हवाला देते हुए कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रभारी प्राचार्य ज्ञापन देकर परीक्षा केंद्र बहाली का श्रेय लेने का प्रयास कर रही हैं, जबकि वास्तविक समाधान न्यायालय और विश्वविद्यालय के निर्णय से ही संभव है। शिवम शुक्ला ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन को राजनीतिक गतिविधियों के बजाय छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक हितों और परीक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान पर अधिक ध्यान देना चाहिए। हालांकि, इस संबंध में प्रभारी प्राचार्य का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।