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मन की बात में गूंजा सीधी का नाम, प्रधानमंत्री मोदी ने की 1,500 तालाबों के निर्माण की सराहना

सीधी(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश का सीधी जिला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में सीधी जिले का विशेष उल्लेख करते हुए यहां जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने बताया कि 'कैच द रेन' अभियान के तहत सीधी जिले में करीब 1,500 तालाबों का निर्माण किया गया है, जो जनभागीदारी और जल संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देशभर में 'कैच द रेन' अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप मिल रहा है और लोग बढ़-चढ़कर इसमें भागीदारी कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से सीधी जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां बड़ी संख्या में तालाबों का निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया है।

प्रधानमंत्री के इस उल्लेख से सीधी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। 'मन की बात' जैसे देश के सबसे लोकप्रिय जनसंवाद कार्यक्रम में सीधी का नाम आने को जिले के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। यह उपलब्धि जल संरक्षण के प्रति जिला प्रशासन की योजनाबद्ध कार्यशैली, जनसहभागिता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

जिले में निर्मित इन तालाबों से वर्षा जल के संरक्षण के साथ-साथ भूजल स्तर में सुधार, सिंचाई की सुविधा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा सीधी जिले की सराहना किए जाने के बाद जिले में उत्साह का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने इसे पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है। भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री के इस उल्लेख का स्वागत करते हुए इसे सीधी के विकास कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान बताया है।

जल संरक्षण के क्षेत्र में सीधी जिले का यह मॉडल अब प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में ऐसे प्रयासों का और अधिक विस्तार होगा तथा जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में सीधी की यह पहल एक मिसाल साबित होगी।

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