33 वनरक्षक बने वनपाल, 9 वनपाल पदोन्नत होकर बने उप वनक्षेत्रपाल सीधी (ईन्यूज एमपी)-संजय टाइगर रिजर्व सीधी द्वारा शुक्रवार को जामोड़ी विश्रामगृह में पदोन्नत अधिकारियों के सम्मान एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से गरिमामय अलंकरण समारोह सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में वनरक्षक से वनपाल तथा वनपाल से उप वनक्षेत्रपाल पद पर पदोन्नत अधिकारियों को विभागीय प्रतीक चिह्न (बैज) पहनाकर सम्मानित किया गया तथा उनके नवीन दायित्वों के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएँ दी गईं। मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी पदोन्नति आदेशों के तहत संजय टाइगर रिजर्व के कुल 42 कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई। इनमें 33 वनरक्षकों को वनपाल तथा 9 वनपालों को उप वनक्षेत्रपाल के पद पर पदोन्नत किया गया। यह पदोन्नति विभागीय कार्यों में उनकी निष्ठा, कार्यकुशलता एवं उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान है। समारोह में उप संचालक राजेश कन्ना टी. ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को विभागीय बैज पहनाकर अलंकृत किया। उन्होंने कहा कि पदोन्नति केवल पद परिवर्तन नहीं, बल्कि विभाग द्वारा अधिकारी की कार्यक्षमता, अनुशासन, निष्ठा एवं सेवा भावना पर व्यक्त विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सभी पदोन्नत अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने नवीन दायित्वों का पूर्ण ईमानदारी, समर्पण एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करते हुए वन एवं वन्यजीव संरक्षण के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। अलंकरण समारोह के साथ आयोजित प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण, प्रभावी गश्त, वन अपराधों की रोकथाम, मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण तथा विभागीय दायित्वों के प्रभावी निर्वहन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पदोन्नत अधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियों के अनुरूप दक्ष बनाना तथा संरक्षित वन क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम में सहायक संचालक सीधी, अधीक्षक सोनघड़ियाल अभयारण्य, अधीक्षक बघदरा अभयारण्य, परिक्षेत्र अधिकारी डुबरी, बस्तुआ, ब्यौहारी, मड़वास, टमसर, भुईमांड एवं सोनघड़ियाल सहित विभिन्न परिक्षेत्रों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मानसेवी जिला वन्यप्राणी अभिरक्षक डॉ. कैलाश तिवारी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। समारोह के अंत में सभी पदोन्नत अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं समर्पण से संजय टाइगर रिजर्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों को नई गति मिलेगी।