सीधी(ईन्यूज एमपी)-कलेक्टर विकास मिश्रा ने गुरुवार को जल स्वावलंबी ग्राम नवानगर का निरीक्षण कर जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं ग्रामीणों के साथ चर्चा करते हुए जल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल के अधिकतम संचयन के लिए विभिन्न नवाचारों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्राम में निर्मित छोटे-छोटे स्टॉप डेम, जल अवरोधक संरचनाओं तथा वाटर रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि जल संकट के स्थायी समाधान के लिए वर्षा जल को गांव में ही रोकना और उसे भू-जल स्तर बढ़ाने में उपयोग करना आवश्यक है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्रोतों एवं बहाव मार्गों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करते हुए उन्हें कूपों एवं हैंडपंपों से जोड़ा जाए, जिससे भू-जल का पुनर्भरण हो सके और गर्मी के मौसम में भी पेयजल स्रोतों की उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने जल स्रोतों के डायवर्जन तथा रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान ग्राम में अस्थायी पत्थर चिनाई एवं स्थानीय संसाधनों की मदद से जलधाराओं को रोकने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कम लागत वाले ऐसे नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी साबित हो सकते हैं। उन्होंने समुदाय की सहभागिता बढ़ाने तथा जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने पर बल दिया। कलेक्टर ने कहा कि नवानगर में किए जा रहे प्रयास न केवल भू-जल स्तर बढ़ाने में सहायक होंगे, बल्कि कृषि, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा वर्षा ऋतु से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपखंड अधिकारी कुसमी शैलेश द्विवेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ज्ञानेंद्र मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।