सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)-जिले में प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी कार्यालयों में अनुशासन सुधारने के उद्देश्य से कलेक्टर गौरव बैनल ने मंगलवार सुबह कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं की उपस्थिति पंजी की जांच की गई, जिसमें सुबह 10:45 बजे तक 41 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जांच में सामने आया कि कई कर्मचारियों ने न तो उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किए थे और न ही किसी प्रकार की पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति ली थी। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से सभी 41 अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई की जद में कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी भी आए। कलेक्टर कोर्ट के दो कर्मचारियों और एक स्टेनो का वेतन काटा गया, वहीं लोक सेवा केंद्र शाखा के चार कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई। कलेक्टर गौरव बैनल ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासकीय कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई कर्मचारी सुबह 11 बजे तक कार्यालय पहुंचते हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को कार्यालय समय का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में देर से आने या बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने पर और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि संबंधित कर्मचारियों का यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इस सख्त कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई।