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ईपीएफ घोटाला: 347 कर्मचारियों के 6 करोड़ रुपये अटके

चार साल से कटती रही राशि, खातों में जमा नहीं; जांच के लिए एनएचएम टीम पहुंची


सतना(ईन्यूज एमपी)- सतना में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ में बड़ी वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। करीब 347 कर्मचारियों के भविष्य निधि के लगभग 6 करोड़ रुपये खातों में जमा नहीं किए जाने का मामला सामने आया है।

मामले की जांच के लिए एनएचएम वित्त विभाग की तीन सदस्यीय टीम गुरुवार को सतना पहुंची। टीम में डिप्टी डायरेक्टर मुमुल बहोत, स्टेट फाइनेंस मैनेजर मनोज राजपूत और एचएमआईएस कंसल्टेंट नीरज श्रीवास्तव शामिल रहे।

आरोप है कि कर्मचारियों के वेतन से हर महीने औसतन 1800 रुपये ईपीएफ के नाम पर काटे जाते रहे, लेकिन यह राशि संबंधित खातों में जमा नहीं की गई। यह गड़बड़ी पिछले चार वर्षों से जारी बताई जा रही है, जिससे बकाया राशि करीब 6 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

जांच टीम ने सुबह करीब 11:30 बजे से शाम 7 बजे तक दस्तावेजों की पड़ताल की। जिला डिस्ट्रिक्ट अकाउंट मैनेजर सुभाष चंदेल से वर्ष 2021 से 2025 तक के ईएसआई और ईपीएफ चालान सहित सभी संबंधित दस्तावेज दो दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। रिकॉर्ड में गड़बड़ी और बजट पेंडेंसी पर अधिकारियों ने नाराजगी भी जताई और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए।

यह मामला कर्मचारियों की शिकायत के बाद सामने आया। अक्टूबर में कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से शिकायत की थी। सुनवाई न होने पर मामला ईपीएफओ कमिश्नर तक पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, पहले भी इसी तरह की अनियमितता पर स्वास्थ्य विभाग पर 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।

इस अनियमितता से 199 एएनएम, ब्लॉक अकाउंट मैनेजर, कम्युनिटी मोबिलाइजर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन सहित कुल 347 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। इनमें कई एएनएम अब नियमित हो चुकी हैं, लेकिन उनके संविदाकाल का पीएफ अभी तक जमा नहीं हुआ है।

जांच टीम ने सभी ब्लॉक अकाउंट मैनेजरों को भी तलब किया है और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का सॉफ्टवेयर के माध्यम से मिलान किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है।


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