सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जिले के सरई थाना क्षेत्र में मिली युवक की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि नवविवाहिता ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार 8 मार्च को चौकी निवास क्षेत्र में डायल-112 पर सूचना मिली कि ग्राम रजनिया कटरा के जंगल में सड़क किनारे एक युवक का शव मोटरसाइकिल के नीचे दबा पड़ा है। सूचना मिलते ही सरई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान **अजय वैश्य (24)** निवासी ग्राम खंतरा, थाना मझौली जिला सीधी के रूप में हुई। मृतक के भाई विनय वैश्य ने पुलिस को बताया कि अजय की शादी 12 फरवरी को ग्राम गन्नई निवासी उमा वैश्य से हुई थी। 7 मार्च की शाम अजय अपनी मोटरसाइकिल से ससुराल जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वह न तो ससुराल पहुंचा और न ही वापस घर लौटा। अगले दिन जंगल में उसका शव मिलने से परिजनों में शोक और सनसनी फैल गई। घटनास्थल का निरीक्षण पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में किया गया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिलने और परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण पुलिस को हत्या की आशंका हुई। इसके बाद चौकी निवास में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी उमा वैश्य से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया। पूछताछ में सामने आया कि उमा का शादी से पहले ही अमर बहादुर वैश्य से प्रेम संबंध था और वह उसी से विवाह करना चाहती थी। परिवार के दबाव में उसकी शादी अजय से हो गई, जिससे वह नाराज थी। इसी कारण उसने अपने प्रेमी अमर बहादुर और उसके साथी चन्द्रप्रताप उर्फ चंदन वैश्य के साथ मिलकर अजय की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत 7 मार्च को उमा ने अजय को मिलने के बहाने अपने मायके बुलाया और इसकी सूचना अपने प्रेमी को दे दी। इसके बाद अमर बहादुर अपने साथी के साथ बोलेरो वाहन से रजनिया कटरा जंगल के पास पहुंचा। सुनसान स्थान पर अजय की मोटरसाइकिल रुकवाकर उसे नीचे उतारा गया और दोनों आरोपियों ने मेडिकल ग्लव्स पहनकर गमछे से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए मृतक के ऊपर मोटरसाइकिल डाल दी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, कपड़े और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इस अंधी हत्या के खुलासे में एसडीओपी देवसर **गायत्री तिवारी**, थाना प्रभारी सरई **जितेंद्र सिंह भदौरिया**, चौकी प्रभारी निवास **सूरज सिंह** सहित सरई थाना, निवास चौकी और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।