रीवा(ईन्यूज एमपी)- योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों के पालन में तथा मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने शुक्रवार को सफल ट्रैप कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायत पर हुई कार्रवाई शिकायतकर्ता श्री शिवकुमार कोल (60 वर्ष), निवासी ग्राम चचाई, तहसील सेमरिया, जिला रीवा ने दिनांक 18 फरवरी 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी बहू श्रीमती मालती कोल का पड़ोसी छोटू कोल की पत्नी से विवाद हुआ था। इसके बाद छोटू कोल की पत्नी ने चचाई चौकी में शिकायत दर्ज कराते हुए शिवकुमार कोल के पुत्र पुष्पेंद्र कोल पर मारपीट एवं गलत कार्य करने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के अनुसार, चौकी चचाई के स्टाफ द्वारा पूछताछ के बाद जब वे चौकी प्रभारी से मिले तो आरोपी सहायक उपनिरीक्षक रामपाल दाहिया ने मामले में समझौता कराने के एवज में 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। सत्यापन में सही पाई गई शिकायत लोकायुक्त रीवा के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को ट्रैप दल गठित कर कार्रवाई की गई। वाहन चालक को बनाया गया माध्यम आरोप है कि सहायक उपनिरीक्षक रामपाल दाहिया, चौकी प्रभारी चौकी चचाई थाना सेमरिया ने अपने वाहन चालक अंकुर कुमार (निवासी डाढ़ मोहल्ला, सेमरिया) को शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि लेने के लिए भेजा। ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी वाहन चालक अंकुर कुमार को 30,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(क) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले में सहायक उपनिरीक्षक रामपाल दाहिया की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ट्रैप दल की टीम कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक श्री प्रवीण सिंह परिहार (लोकायुक्त कार्यालय रीवा) ने किया। टीम में निरीक्षक उपेंद्र दुबे सहित 12 सदस्यीय दल एवं दो स्वतंत्र शासकीय गवाह शामिल रहे।