सीधी(ईन्यूज एमपी)-कोतवाली पुलिस ने राहगीरों को मदद के बहाने वाहन में बैठाकर हाथ की सफाई से पैसे उड़ाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से बोलेरो वाहन, नकद राशि और मोबाइल सहित कुल लगभग 12.47 लाख रुपये का मशरूका जप्त किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में की गई। घटना 3 फरवरी 2026 की है। शिकायतकर्ता लालबहादुर सिंह ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह बैंक से 50 हजार रुपये निकालकर जा रहे थे। इसी दौरान बोलेरो सवार आरोपियों ने उन्हें बस स्टैंड छोड़ने का झांसा देकर वाहन में बैठा लिया। रास्ते में आरोपियों ने वाहन का दरवाजा ठीक से बंद न होने का बहाना बनाया और बुजुर्ग को बातों में उलझाकर नोटों से भरे बैग की चेन खोलकर 50 हजार रुपये चोरी कर लिए। इसके बाद कुछ दूरी पर उन्हें वाहन से उतारकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़े गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। इनके खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न जिलों के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट और झपटमारी के कई मामले दर्ज हैं। यह गिरोह बैंक से निकलने वाले अधिक उम्र के लोगों की रेकी कर उन्हें अपना शिकार बनाता था। गिरफ्तार आरोपियों में देवेन्द्र उर्फ लाला यादव (26 वर्ष) निवासी बाणगंगा, रीवा, सुधीश यादव (21 वर्ष) निवासी बाणगंगा, रीवा और दुर्गेश शर्मा (32 वर्ष) निवासी रामगढ़, जिला मैहर शामिल हैं। आरोपियों के पास से 33 हजार रुपये नकद, चोरी की रकम से खरीदा गया 14 हजार रुपये का मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त सफेद बोलेरो वाहन (अनुमानित कीमत 12 लाख रुपये) जप्त किया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय, उप निरीक्षक विवेक द्विवेदी, उप निरीक्षक राजमणि अहिरवार, सहायक उप निरीक्षक विनोद त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक रणबहादुर सिंह, तिलकराज सिंह, जितेन्द्र पाठक, आनंद शर्मा तथा आरक्षक अनुराग यादव एवं प्रखर पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीधी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बैंक संबंधी कार्यों के लिए वरिष्ठ नागरिकों को अकेले न भेजें। उनके साथ परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य अवश्य रहे। किसी अनजान व्यक्ति के वाहन में लिफ्ट न लें। यदि किसी प्रकार का संदेह हो तो तुरंत डायल-112 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।