सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)-सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता (एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड) आदरणीय अश्वनी दुबे के सिंगरौली प्रवास के दौरान बाल कल्याण समिति, जिला सिंगरौली के कार्यालय बैढ़न में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम अध्यक्ष आदरणीय देवेश पाण्डेय भी शामिल हुए। इस अवसर पर समिति के माननीय सदस्यों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नगर निगम अध्यक्ष का स्वागत-अभिनंदन किया गया। बैठक के दौरान सिंगरौली जिले में बढ़ते पॉक्सो अधिनियम के मामलों, चाइल्ड ट्रैफिकिंग, बाल विवाह, बाल श्रम एवं स्ट्रीट चिल्ड्रन से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी दुबे ने अपने विधिक अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान के आधार पर इन संवेदनशील मुद्दों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है। बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने भी अपने-अपने विचार साझा किए और बच्चों के संरक्षण के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले में बाल अपराधों की रोकथाम और पीड़ित बच्चों के संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान को और प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के माननीय सदस्य देवधर शर्मा, पूनम मिश्रा, पूनम त्रिपाठी, रीना सिंह के साथ समाजसेवी राजेश दुबे एवं पार्षद आशीष वैश्य, सीमा सिंह भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर बाल अधिकारों की रक्षा और बाल अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक को सिंगरौली जिले में पॉक्सो सहित अन्य बाल अपराधों के मामलों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों और समाजसेवियों को विश्वास है कि समन्वित प्रयासों से बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकेगा।