सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में मनरेगा एवं जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वर्षों से लंबित कार्यों को लेकर जिला पंचायत ने सख्त रुख अपनाया है। पुराने वित्तीय वर्षों के अपूर्ण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं होने और स्वीकृत कार्य समय पर पूरा न कराने के मामलों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गेमें ने 24 उपयंत्रियों (सब-इंजीनियर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई जनपद पंचायत बैढ़न, देवसर और चितरंगी अंतर्गत पदस्थ उपयंत्रियों पर की गई है। जनपद पंचायत बैढ़न से चंदन सिंह, जोर सिंह, राकेश शाह, संजय वर्मा, अवधेश शर्मा, ऋतुराज शुक्ला, सोनल श्रीवास्तव, रविंद्र चड़ार और रंजीत कुमार नोटिस की जद में आए हैं। जनपद पंचायत देवसर से अभिषेक विश्वकर्मा, सतीश पटेल, विनोद मिश्रा, विवेक कृष्ण तिवारी, राजकुमार द्विवेदी और सुमित वर्मा को नोटिस जारी किया गया है। वहीं जनपद पंचायत चितरंगी से अंबिका मिश्रा, ओमप्रकाश सिरोठिया, तोषण सिंह, रवि प्रकाश सिंह, संजय सिंह, रजनीश जायसवाल, संजय ताम्रकार, मुकेश पटेल और मनोज वर्मा शामिल हैं। जिला पंचायत सीईओ जगदीश गेमें ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा और जल गंगा संवर्धन अभियान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में अनावश्यक देरी, लापरवाही या शिथिलता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। नोटिस में निर्देश दिए गए हैं कि सभी लंबित कार्यों को तत्काल पूर्ण कराया जाए, उनकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब दिया जाए। चेतावनी दी गई है कि समय पर जवाब नहीं देने या कार्यों में सुधार नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इस सख्त कदम से जिले में लंबे समय से अटके मनरेगा और जल गंगा अभियान से जुड़े विकास कार्यों में तेजी आने, जवाबदेही तय होने और मैदानी स्तर पर निगरानी मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।