रीवा/शहडोल(ईन्यूज एमपी)-भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन की सख्त कार्रवाई जारी है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने शहडोल जिले में गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई की है। टीम ने ग्राम पंचायत पोगरी के सचिव मंगलेश्वर प्रसाद मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। लोकायुक्त कार्यालय रीवा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पोगरी निवासी अमृतलाल यादव ने 28 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने नल-जल योजना के तहत ग्राम पंचायत में कार्य किया था। कार्य पूर्ण होने के बाद 2,37,979 रुपये का बिल भुगतान हेतु प्रस्तुत किया गया, लेकिन सचिव मिश्रा द्वारा भुगतान के एवज में 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगना सत्य पाया गया। इसके बाद 30 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के निर्देशन में ट्रैप टीम गठित की गई। निर्धारित योजना के अनुसार, टीम ने ग्राम पंचायत कार्यालय पोगरी में आरोपी सचिव मंगलेश्वर प्रसाद मिश्रा को 15 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। इस सफल ट्रैप ऑपरेशन में निरीक्षक एस. राम मरावी के नेतृत्व में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया, प्रधान आरक्षक सुरेश कुमार, आरक्षक मुकेश मिश्रा, मनोज मिश्रा, लवलेश पांडे और दिलीप पटेल की टीम शामिल रही। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचे और रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाया जा सके।