रिश्वत लेते विद्युत विभाग का कनिष्ठ यंत्री रंगे हाथों गिरफ्तार, लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्रवाई रीवा। महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त रीवा टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत वितरण कंपनी के एक कनिष्ठ यंत्री को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त कार्यालय रीवा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता लकी दुबे (25 वर्ष), निवासी सीधी ने 8 अक्टूबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने शहर में तीन सोलर पैनल लगाए हैं। संबंधित फाइलों में मीटर कन्वर्जन के लिए हस्ताक्षर कराने के एवज में कनिष्ठ यंत्री किशोर त्रिपाठी एवं निजी कर्मचारी प्रमोद द्विवेदी द्वारा प्रति फाइल 6 हजार रुपए, कुल 18 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत की सत्यता की जांच के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार पाटीदार के निर्देश पर 9 अक्टूबर को ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने रीवा शहर संभाग कार्यालय में आरोपी किशोर त्रिपाठी और प्रमोद द्विवेदी को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्यवाही कार्यालय कार्यपालन यंत्री, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कक्ष में की गई। ट्रैप टीम का नेतृत्व निरीक्षक श्री उपेंद्र दुबे ने किया। इस कार्रवाई में निरीक्षक श्री संदीप सिंह भदौरिया, प्रआर सुरेश कुमार, मुकेश मिश्रा, शिवलाल प्रजापति, पवन पांडेय, आर. लवलेश पांडेय, मनोज मिश्रा और जितेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की जांच शुरू कर दी है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से रीवा विद्युत वितरण कंपनी के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।