सीधी(ईन्यूज एमपी)- अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताओं की शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विकासखंड मझौली, सिहावल और सीधी के सात शासकीय विद्यालयों में नियोजित अतिथि शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं। जांच में मेरिट सूची में अधिक अंक पाने वाले आवेदकों को अवसर नहीं देने और कम अंक वाले आवेदकों को नियुक्त करने की अनियमितता सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई सहित अन्य माध्यमों से अतिथि शिक्षकों के आमंत्रण, ज्वाइनिंग और मानदेय भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। कलेक्टर विकास मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत इन शिकायतों की जांच कराई गई। आठ सदस्यीय समिति ने की जांच 18 सितंबर 2026 को गठित आठ सदस्यीय जिला स्तरीय समिति ने 23 और 24 सितंबर को संबंधित संस्था प्रमुखों एवं शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में अभिलेखों का परीक्षण किया। जांच में प्रथम दृष्टया लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल के 24 अगस्त 2026 के निर्देशों की अनदेखी पाई गई। विकासखंड पैनल की मेरिट सूची में अधिक स्कोर वाले आवेदकों को मौका देने के बजाय कम स्कोर वाले आवेदकों को आमंत्रित कर नियोजित किया गया था। इन सात विद्यालयों में हुई कार्रवाई आदेश के अनुसार, मझौली विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौढ़िया, सिहावल के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय खेतौही, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोखरा, शासकीय प्राथमिक शाला समरदह और शासकीय माध्यमिक शाला कन्या सोनवर्षा तथा सीधी विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरम्बाबा एवं शासकीय प्राथमिक शाला करहीखूट में संबंधित अतिथि शिक्षकों की सेवाएं निरस्त की गई हैं। मानदेय भुगतान की जिम्मेदारी भी तय संबंधित शाला प्रभारियों एवं संकुल प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि निरस्त किए गए अतिथि शिक्षकों को पोर्टल से तत्काल पृथक कर विकासखंड पैनल की मेरिट सूची में उपलब्ध सर्वाधिक स्कोर वाले पात्र आवेदकों को नियमानुसार अवसर दिया जाए। नियोजन की पूरी प्रक्रिया का विवरण जिला स्तरीय समिति से अनुमोदित कराना अनिवार्य होगा। आदेश में पूर्व में नियोजित अतिथि शिक्षकों द्वारा दी गई सेवाओं की अवधि के मानदेय भुगतान की जिम्मेदारी भी संबंधित शाला प्रभारियों पर तय की गई है। भुगतान नहीं होने पर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी देकर आगामी दो दिनों के भीतर शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के अन्य विकासखंडों में लंबित शिकायतों पर भी आगे कार्रवाई की जाएगी।