भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। चक्रवातीय परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ लाइन के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। शनिवार को सीधी, सिंगरौली, रीवा और मऊगंज में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मौसम साफ रहने और धूप खिलने की संभावना जताई गई है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम प्रणाली का असर देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में अमरकंटक में करीब 37.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में रात के तापमान में गिरावट आई है, जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। पचमढ़ी में सबसे ठंडी रात, दिन में गर्मी का असर प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट के बीच पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमरकंटक और इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 18.8 डिग्री और शाजापुर में 19 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन के समय गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। बड़वानी जिले के तालुन में सर्वाधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 3 अक्टूबर को विदा हुआ मानसून, फिर क्यों हुई बारिश? मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया था। इस बार मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिलता है। मानसून की विदाई के बाद भी वायुमंडल में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इस बार सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश जून से सितंबर तक चले मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश में औसतन 35.8 इंच यानी 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य औसत 37.3 इंच से करीब 4 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। जून महीने में बारिश का कोटा 14 प्रतिशत कम रहने से पूरे सीजन का गणित प्रभावित हुआ। जुलाई, अगस्त और सितंबर में हुई बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो गया, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। बारिश का कोटा पूरा करने वाले जिलों में भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। वहीं, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, देवास, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नीमच, मंदसौर और धार समेत कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। कुल मिलाकर, मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में मौसम बदलने लगा है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने और धूप निकलने से दिन में गर्मी तथा रात में हल्की ठंड का मिला-जुला असर बने रहने की संभावना है।